1. 1) अतिथि व्याख्यान का आयोजन (21-08-2025)
प्रेमचंद मारकंडा
एस.डी.कॉलेज फॉर वूमेन, जालंधर में अतिथि व्याख्यान का आयोजन
प्रेमचंद मारकंडा एस. डी. कॉलेज फॉर वुमेन , जालंधर
में भारतेंदु हरिश्चंद्र जयंती के उपलक्ष्य में बी.ए.बी. एड हिंदी विभाग तथा टी.वी.
वीडियो प्रोडक्शन ने आई आई सी के सौजन्य से अतिथि व्याख्यान करवाया जिसके स्त्रोत वक्ता
डॉ. प्रिया चोपड़ा ( जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग दोआबा कॉलेज जालंधर) थे ।
उन्होंने ‘ सिनेमा उद्यमिता: फिल्म निर्माण उद्यमिता में स्त्री की भूमिका ’ पर विशेष
व्याख्यान दिया । उन्होंने लघु फिल्म द्वारा विद्यार्थियों को संदेश दिया कि स्त्री
उद्यमिता के लिए फिल्म जगत में पर्दे के पीछे भी नारी का योगदान सराहनीय है । नारी
प्रोडक्शन, डायरेक्शन, लाइट, साउंड,कैमरा,पटकथा लेखन शैली का निर्माण आदि अनेक विस्तृत
क्षेत्रों में एंटरप्रिनॉयर बन सकती है केवल उसे काम के प्रति निष्ठा और लगन एवं परिश्रम
की आवश्यकता है । अपने विचारों और कल्पना को उड़ान देने की जरूरत है । इस अवसर पर बी.ए
, बी.एड एवं टी.वी. वीडियो प्रोडक्शन के लगभग
40 विद्यार्थियों ने सहभागिता की ।
2. 2) हिंदी दिवस के उपलक्ष्य
पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन (15-09-2025)
3. 3) मौलिक लेखन
प्रतियोगिता (1-10-2025)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा की ओर से हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत हिन्दी मौलिक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बी.ए और बी.एड कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमे लगभग 15 विद्यार्थी शामिल थे। इसमें विद्यार्थियों द्वारा कविता, कहानी और लेख लिखे गए।रचना बिल्कुल मौलिक थी।यह प्रतियोगिता होमसांईस लैब में 30 सितंबर 2025 को 11.40 पर हुई थी ।इन मौलिक रचनाओं का संस्कृत शिक्षक भगवती प्रसाद देवराड़ी जी ने मूल्यांकन किया।
4. 4) हिंदी प्रश्नोतरी
प्रतियोगिता (30-10-2025)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा द्वारा 30-10-25 को हिंदी प्रश्नोतरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।जिसका विषय था हिंदी साहित्य का इतिहास। जिसमे बी.ए एवम बी.एड के लगभग 20 विद्यार्थी शामिल थे।
5. 5) भाषण प्रतियोगिता
(21-01-2026)
6. 6) हिंदी मुहावरे/ लोकोक्तियाँ
प्रतियोगिता (12-02-2026)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा द्वारा 13-02-2026 को मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ पर एक साहित्यिक प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बी.ए एवम बी.एड के लगभग 18 छात्रो ने भाग लिया| यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की हिंदी साहित्य में दिलचस्पी बढ़ाने और उनकी भाषाई कौशल को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया।
7.हिंदी शब्द चुनौती प्रतियोगिता ( 26-02-2026)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा द्वारा 26-02-2026 को हिंदी शब्द चुनौती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बी.ए एवम बी.एड के लगभग 18 छात्रो ने भाग लिया| इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की शब्द सम्पदा, उच्चारण शुद्धता एवं त्वरित सोचने की क्षमता का विकास करना था।
8.कक्षा सेमिनार (20-03-26)पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा द्वारा 20-03-26 को कक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में बी.ए एवम बी.एड के लगभग 20 छात्रो ने भाग लिया| इस गतिविधि ने छात्रो को अपने विचार व्यक्त करने , अभिव्यक्ति को मजबूत करने और हिंदी साहित्य की समझ को विस्तृत करने का मंच प्रदान किया।
9. राष्ट्रीय
वेबिनार (07-04-26)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन जालंधर में हिंदी साहित्य धारा
द्वारा 07-04-2026 को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसका
विषय था हिंदी साहित्य में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता का योगदान’
इस वेबिनार में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में कुल लगभग 38 प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही।वेबिनार की मुख्य वक्ता मोनिका सिंह, जो शिमला विश्वविद्यालय से संबंधित हैं, ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने हिंदी साहित्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव एवं उसके विभिन्न उपयोगों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
10. समूह वार्ता ( 17-04-2026)
पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर वूमेन, जालंधर में युवा क्लब एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में समूह चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “राष्ट्रीय निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर समूह चर्चा (Group Discussion) आयोजित की गई।
कार्यक्रम में दो विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही,
जिन्होंने अपने विचारों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।इस समूह चर्चा में B.A., B.Ed. तथा B.Com. के लगभग 38 विद्यार्थियों
ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अतिथियों ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।यह गतिविधि विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई।
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